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2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी में बदलाव: बदलाव और प्रभाव जानें
चूँकि जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में नए जीएसटी बदलाव लागू किए गए हैं, जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगे, इसलिए इसका असर कई प्रोडक्टों पर पड़ा है। विशिष्ट श्रेणी की बात करें तो, लोग इलेक्ट्रिक वाहनों, चाहे वे कार हों, बाइक हों या स्कूटर, पर जीएसटी में बदलाव जानने के लिए उत्सुक हो रहे हैं। कर नीतियाँ तय करेंगी कि कुल मिलाकर इसकी लागत कितनी होगी। हालाँकि, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5% जीएसटी बरकरार रखा है, जबकि अन्य वाहन नए कर खंड के पीयूनर्गठन के दायरे में आते हैं।
लेकिन अगर हम पूरे खंड पर गहराई से विचार करें, तो आपको यह थोड़ा भ्रमित करने वाला लग सकता है। इलेक्ट्रिक बैटरियों पर जीएसटी में बदलाव अभी भी 18% है, जबकि इनपीयूट टैक्स क्रेडिट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है। आइए दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर जीएसटी के पूरे परिदृश्य को समझते हैं।
जीएसटी सुधार 2025: इलेक्ट्रिक वाहन खंड में क्या बदलाव आया?
GST 2.0 ने कई प्रोडक्टों को अलग-अलग स्लैब में सरल बना दिया है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आइए इस सूची पर एक नज़र डालते हैं।
श्रेणी/प्रोडक्ट | पहले जीएसटीआरखाया | नया जीएसटीआरखाया |
इलेक्ट्रिक स्कूटर/कारों पर जीएसटी | 5% | 5% |
ई पर जीएसटीवीबैटरियाँ, पीयूर्जे और सहायक उपकरण | 18% | 18% |
चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग सेवा पर जीएसटी | 18% | 18% |
आईसीई वाहन (आंतरिक दहन इंजन) | 28% | 18% और 40% |
लक्जरी इलेक्ट्रिक कारें | 5% | 5% (लेकिन समीक्षाधीन) |
ऑटोमोटिव क्रॉस्ट्स और एक्सेसरीज़ पर जीएसटी में बदलाव की सूची देखें
प्रोडक्ट/वस्तुएँ (ICE / EV सहायक उपकरण) | पहले जीएसटीदर | नया जीएसटीदर |
इंजन के पीयूर्जे (पिस्टन रिंग, कैमशाफ्ट, वाल्व) | 28% | 18% |
ब्रेक असेंबली और घटक | 28% | 18% |
निलंबन भागों | 28% | 18% |
बॉडी पैनल | 28% | 18% |
एचवीएसी घटक | 28% | 18% |
कर्षण विद्युत मोटर | 18% | 18% |
मोटर नियंत्रक | 18% | 18% |
बैटरी प्रबंधन प्रणाली | 18% | 18% |
इसका मतलब यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी कर कम रहेगा, लेकिन बैटरी, ऑटोमोटिव क्रॉस्ट्स और सेवाएं चालकों की जेब पर असर डाल सकती हैं।
हितधारकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
जीएसटी सुधार 2025 ने हितधारकों को कई तरह से प्रभावित किया है, जैसे:
उपभोक्ताओं
>> अच्छी खबर:इलेक्ट्रिक कारों और बाइकों पर जीएसटी 5% पर बना हुआ है, जिसका अर्थ है कि लोग आसानी से इन्हें खरीद सकते हैं और माओरिजिनली ड्यूटी का लाभ उठा सकते हैं।
>> बुरी खबर:बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 18% जीएसटी लगने से यह लोगों के लिए थोड़ा महंगा हो जाता है।
>> प्रयुक्त ईवी खरीदारप्रयुक्त या सेकेंड-हैंड ई.वी. की बिक्री थोड़ी जटिल बनी हुई है।
विनिर्माण
>> अच्छी खबर:चूंकि ईवी कारों के लिए कर स्लैब समान है, इसका मतलब है कि निर्माताओं को अपनी बिक्री में बढ़ावा मिलेगा।
>> बुरी खबर:स्टैंडअलोन बैटरियों पर 18% का जीएसटी स्लैब कम मार्जिन का कारण बन सकता है।
>> चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग ब्रांड:ईवी कारों और बाइकों पर सेवाएं और बैटरियां 18% पर बनी रहेंगी, जिसका अर्थ है कि ईवी चार्जिंग स्टेशन अवसंरचना स्थापित करने पर मार्जिन कम और ड्यूटी अधिक होगा।
अंतिम आउटपीयूट
ईवी कारों और स्कूटरों पर लागू जीएसटी, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के भविष्य और मानसिकता को दर्शाता है। खरीदार पेट्रोल और डीज़ल कारों की तुलना में ईवी खरीद पर कम कर का लाभ उठा सकते हैं। हालाँकि, बैटरी और चार्जिंग सेवाएँ खरीदना थोड़ा महंगा हो सकता है। सरकार को जल्द ही बुनियादी ढाँचे को संरेखित और अद्यतन करने की आवश्यकता है ताकि इसे परिवहन का एक अधिक विश्वसनीय और प्रभावी साधन बनाया जा सके, जिससे पर्यावरण के अनुकूल विकल्प उपलब्ध हों और प्रदूषण कम हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों पर वर्तमान जीएसटी क्या है?
इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की नई दर 5% ही रहेगी।
ईवी बैटरी और चार्जिंग पर जीएसटी क्या है?
ईवी बैटरी और चार्जिंग पर जीएसटी प्रभावित नहीं हुआ, जो 18% है।
क्या जीएसटी प्रयुक्त या सेकेंड हैंड ईवी पर लागू होता है?
हाँ, सेकंड-हैंड या पीयूरानी इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटरों पर भी जीएसटी लगाया जाता है। हालाँकि, जीएसटी का भुगतान वाहन के कुल कीमत के बजाय मार्जिन पर किया जाता है।
दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर जीएसटी में क्या बदलाव हुआ है?
दोनों श्रेणियों में से किसी पर भी जीएसटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है तथा पहले की तरह दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया ईवी पर 5% कर लागू रहेगा।
क्या हाइब्रिड वाहनों पर जीएसटी परिवर्तन इलेक्ट्रिक वाहनों के समान होगा?
नहीं, हाइब्रिड वाहनों पर लगाया जाने वाला कर इलेक्ट्रिक वाहनों के समान नहीं होगा। हाइब्रिड वाहन उच्च जीएसटी स्लैब के अंतर्गत आते हैं।
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